ख़ामोश संवाद
-
उस दिन
जब तल्लीन थे
ज़मीन पर गिरे सूखे पत्ते
अनुवादित करने में
तुम्हारे कंपकंपाते अधरों
के अनबोले बोलों को,
हवा के भी
कान खड़े हो गए थे
सुनने को—
याद ...
9 hours ago
© Blogger template Brownium by Ourblogtemplates.com 2009
Back to TOP
1 comments:
आपको भी, सभी को ज्योति पर्व की मंगलकामनायें!
Post a Comment