813. निशानी (4 सेदोका)
-
निशानी
***
1.
मेरी निशानी
पुस्तक में पिरोई,
उम्र की साँझ ढली
वक़्त जो बीता
चाहूँ तो कहाँ खोजूँ
कबाड़ में पुस्तक।
2.
सोच दानव
मुझमें भर क्रोध
मुझे बनाय...
23 hours ago
