ख़ामोश संवाद
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उस दिन
जब तल्लीन थे
ज़मीन पर गिरे सूखे पत्ते
अनुवादित करने में
तुम्हारे कंपकंपाते अधरों
के अनबोले बोलों को,
हवा के भी
कान खड़े हो गए थे
सुनने को—
याद ...
9 hours ago
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3 comments:
गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!
नया वर्ष स्वागत करता है , पहन नया परिधान ।
सारे जग से न्यारा अपना , है गणतंत्र महान ॥
बहुत सटीक!
very good.
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