"आँधी और आग" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ' मयंक')
Monday, 18 April 2011
खटीमा (उत्तराखण्ड)
दिनांक-17.04.2011
समय- रात्रि 8.45
3 घण्टे तक भयंकर आँधी चलती रही
इतने लम्बे समय तक आँधी कभी नहीं आयी।
गेहूँ के खेत जलकर भस्मीभूत हो गये।
दो मंजिले की छत पर भी
खेतों में लगी आग की गरमी
हम अनुभव कर रहे थे।
खटीमा, टनकपुर तथा मिलिट्री कैंट बनबसा से
फायरब्रिगेड की गाड़ियाँ बुलाई गयीं।
चारों ओर से जलते हुए गेंहूँ के खेतों में
दमकल की गाड़ियोँ पानी की बौछार करतीं रहीं।
एक घण्टे की मशक्कत के बाद आग शान्त हुई।
मगर तब तक आग काफी तबाही मचा चुकी थी।