एक नदिया सी !
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*एक नदिया सी !*
हाँ मैं जिंदगी हूँ,
किसी की भी होऊं,
एक अनचाही इबारत
जिसे लिखा किसी और ने है,
और कहलाई वो मेरी है।
लिखना मैंने भी चाहा
लेकिन ...
3 hours ago
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1 comments:
आपको भी, सभी को ज्योति पर्व की मंगलकामनायें!
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